दोस्तों। .. प्यार भरा नमस्कार
आज पहली बार आपसे रूबरू हो रही हूँ
या कहूँ की पहली बार खुद से खुलकर बात कर रही हूँ
कितना सुखद अहसास है खुद से बात करने का
खुद को पढ़ने का
खुद को समझने का
अपने सपनो को स्वप्निल उडान भरने को प्रेरित करने का
क्या कभी आपने खुद से बात की है
खुद को पढ़ने की कोशिश की है
यदि हां तो मुझे बताइयेगा
मुझसे शेयर कीजियेगा
आपकी प्रतिक्रिया का मुझे इंतज़ार रहेगा
आपकी दोस्त
अंजलि खेर